सामाजिक बदलाव में मोबाइल का साथ

हममें से ज्यादातर लोग सामाजिक बदलाव में मोबाइल की भूमिका को लेकर सजग नहीं हैं। चलिए कुछ उदाहरणों पर गौर करते हैं। बिहार में अनन्या कार्यक्रम के तहत आठ जिलों में ‘मोबाइल कुंजी’ के इस्तेमाल का अनूठा प्रयोग किया गया है। यह पहल बिहार में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने वाले कर्मियों की भरपूर मदद…

मोबाइल के साथ गाँव चला शहर की चाल

देश के कोने-कोने में राशन उपलब्धता की सूचना हो या सरकारी स्कूलों के बच्चों की छात्रवृति की खबर, अब सभी तरह की खबरें चुटकियों में मिल जाते हैं। चाहे वो खेत में हलधर किसान हो या गांव में अपना परिवार छोड़ शहर के किसी कोने में मजदूरी करता नौवजान, सभी एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन यानी मोबाइल…

‘काश! पहाड़ खोदने के बजाए ‘ग्राम आधारित विकास’ पर ध्यान दिया होता’

उत्तराखंड में आसमान से बरसी आफत ने जबरदस्त तबाही मचाई है। खत्म होती जिंद‌गियां, उफनती नदियां और ताश के पत्ते की तरह बिखरते घर इसके गवाह हैं, जिसने आपदा प्रबंधन की तैयारियों की पोल खोल कर रख दी है। उत्तराखंड ही नहीं आज यह पूरे देश की कड़वी सच्चाई है कि कहीं भी आपदा प्रबंधन…

टेलीग्राम को आखिरी सलाम

वैसे तो साल 2013 कई मायने में महत्वपूर्ण है, लेकिन खासकर सूचना तकनीक के क्षेत्र के लिए साल 2013 कुछ खास ही रहा है। इसी साल 1 जनवरी 2013 को इंटरनेट ने जहां अपने 30 साल पूरे कर लिए, वहीं परम्परागत कैमरे में इस्तेमाल होने वाली कोडैक्रोम फिल्मों से तस्वीरें विकसित करने वाली दुनिया की…

एक ऐसा गांव जहां हर घर की खाट खड़ी नहीं, उल्टी मिलेगी…

इस बार मैं एक तस्वीर के सहारे आपको देश के कुछ इलाकों की सच्चाई से रूबरू कराउंगा। आंध्र प्रदेश के एक गांव की तस्वीर, जिसमें समुद्र के किनारे मछली पकड़ने की जाल लिए बैठा मछुआरा, उड़ीसा के मुस्लिम बहुल इलाके में लोगों के बीच बैठे मुल्ला जी और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सीढी़नुमा खेत…

पहाड़ी इलाकों में विकास से ही पलायन पर काबू संभव

पहचान और विकास की चाह की वजह से पहाड़ों में जिस जनांदोलन की शुरुआत हुई थी, वो 12 साल में ही निरर्थक हो गया। आज विडंबना यह है कि अलगाव की वो काली छाया उत्तराखंड के पहाड़ों को आहिस्ता-आहिस्ता अपनी चपेट में ले रही है। जहां एक तरफ हमारा देश लगातार उन्नति औऱ विकास की…

भद्रक में सीआईआरसी से लोगों को बड़ी उम्मीदें

ओढ़िशा की राजधानी भुवनेश्वर से करीब 144 किलोमीटर दूर भद्रक नाम का एक ऐसा जिला है, जो मुगल तमाशा के लिए मशहूर है। इस अनोखी कला को हिन्दू एवं मुसलमान संप्रदाय के कलाकार इसे खास अंदाज में पेश करते हैं, जो उनकी रोजी रोटी का जरिया भी है। इसी जिले का एक छोटा सा हमनाम…

Move to mobile governance

Rakhi Paliwal, 23, vice-president of Upli-Oden panchayat in Rajsamand district in Rajasthan, is the only elected woman panchayat member who rides a motorbike, gets up at 4am in the morning to counsel women against open defecation, attends law school during the day and updates her Facebook page regularly using her smartphone. In March this year,…